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Maharashtra Board Solutions for Class 9- Hindi Lokbharti (Part 2): Chapter 5- अतीत के पत्र

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Curriculum Maharashtra Board
Applicable Grade Class 9
Medium English & Hindi
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Class 9: Hindi Lokbharti Chapter 5 solutions. Complete Class 9 Hindi Lokbharti Chapter 5 Notes.

Maharashtra Board Solutions for Class 9- Hindi Lokbharti (Part 2): Chapter 5- अतीत के पत्र

Maharashtra Board 9th Hindi Lokbharti Chapter 5, Class 9 Hindi Lokbharti Chapter 5 solutions

Questions and Answers

पठनीय :

प्रश्न 1.
गांधीजी द्वारा लिखित ‘मेरे सत्य के प्रयोग’ (आत्मकथा)पुस्तक का कोई अंश पढ़िए।

संभाषणीय :

प्रश्न 1.
किसी महान विभूति के जीवन संबंधी कोई प्रेरक प्रसंग बताइए।
उत्तर:

(अध्यापक निर्देश : अध्यापक कक्षा में छात्रों को किसी महान विभूति के जीवन संबंधी प्रेरक प्रसंग बताने के लिए छात्रों को प्रेरित करते हैं।)
एक छात्र: मैं बाल गंगाधर तिलक के जीवन से संबंधित एक प्रेरक प्रसंग बताना चाहता हूँ।

अध्यापक: जरूर बताओ। हम सभी सुनने के लिए आतुर हैं।

छात्र: सभी जानते हैं कि बाल गंगाधर तिलक भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के प्रमुख नेता थे। बात उन दिनों की है जब वे स्कूल जाया करते थे। एक दिन की बात है। मध्याह्न खत्म होने के बाद बाल गंगाधर तिलक के शिक्षक कक्षा में आए। उन्होंने कक्षा में देखा कि सर्वत्र मँगफलियों के छिलके फैले हुए हैं। वे विद्यार्थियों पर नाराज हो गए। उनके पूछने पर भी किसी ने भी किसी का नाम नहीं बताया। पश्चात उनका क्रोध बढ़ गया।

उन्होंने सभी विद्यार्थियों को खड़ा कर दिया और सभी को हाथ पर बेत की लकड़ी से मारना शुरू कर दिया। जैसे ही वे बाल के पास आए तब उन्होंने बाल से हाथ आगे करने के लिए कहा। लेकिन बाल ने हाथ आगे नहीं किया। उसने बड़े स्वाभिमान से कहा कि उसने मूंगफलियाँ नहीं खाई हैं। इसलिए वह मार भी नहीं खाएगा। ऐसा कहकर वे कक्षा के बाहर चले गए। ऐसे थे बाल गंगाधर तिलक। अन्याय सहन करना उनके स्वभाव में नहीं था।

अध्यापक: बहुत बढ़िया। बच्चों स्वाभिमान का होना बहुत बड़ी बात है। हमें अपने स्वाभिमान की रक्षा करनी चाहिए।

लेखनीय :

प्रश्न 1.
गांधी जयंती के अवसर पर एक आकर्षक कार्यक्रम पत्रिका तैयार कीजिए।
उत्तर:

सर्वोदय विद्यालय द्वारा आयोजित

गांधी जयंती

तिथि: 2 अक्टूबर 2017
कार्यक्रम स्थल: सर्वोदय विद्यालय सभागार

कार्यक्रम – सूची

प्रात: 8.00 बजे प्रार्थना
प्रात : 8.30 बजे भाषण : गांधी और आज का भारत
प्रात : 9.00 बजे संगीत गीत गांधी जी के प्रिय भजन
प्रात: 10.00 बजे सूतकताई
प्रात : 11.00 बजे प्रदर्शनी : खादी के वस्त्र एवं स्वदेशी वस्तुएँ
दोपहर: 12.00 बजे स्कूल के छात्रों द्वारा गांधी जी के निकाले गए चित्रों की प्रदर्शनी
दोपहर 12.30 बजे राष्ट्रगान

आशा है कि आप सभी सपरिवार एवं मित्र जनों के साथ कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे।

आपका विश्वासी,
रामरतन कुमार
(कार्यक्रम प्रमुख)

मौलिक सृजन :

प्रश्न 1.
‘मेरे सपनों का भारत’ विषय पर अपने विचार सृजन लिखिए।
उत्तर:

जिस देश में मानवीय गुणों का भंडार है, जिस देश में संस्कृति की पूजा की जाती है; वह है भारत। ऐसे भारत में जन्म लेना किसी भाग्यवान के ही नसीब में होता है। मैं भारतीय हूँ। भारत देश की सेवा एवं उसकी हिफाजत करना मेरा परम कर्तव्य है। साथ ही भारत को प्रगति की ओर ले जाना भी मेरा कर्तव्य है। मैं बड़ा होकर भारत की सेवा करूँगा एवं उसकी प्रगति के लिए भगीरथ प्रयास भी करूंगा। मैंने भारत की प्रगति का सपना देखा है। ऐसे भारत का जिसमें सिर्फ मानवता, दया, प्रेम, शांति, करुणा, वीरता, देशप्रेम ऐसे मानवीय गुणों का खजाना हो। सचमुच मेरे सपनों का भारत आदर्शबादी होगा।

वह सत्य व अहिंसा का पूर्णतः पालन करेगा। मेरे सपनों के देश में सभी ईमानदार होंगे। सर्वत्र शिक्षा का बोलबाला होगा। सभी को समान न्याय एवं अधिकार प्राप्त होगा। मेरे सपनों के भारत में सभी शिक्षा प्राप्त कर भारत के विकास के लिए जुटेंगे। कोई भी अधिक धन पाने हेतु विलायत नहीं जाएगा। मेरे सपनों के भारत में सभी खुशहाल एवं संपन्न होंगे। किसी पर कोई भी अन्याय नहीं करेगा। स्त्रियों को पुरूषों के समान अधिकार मिलेगा। बाल शोषण, स्त्री अत्याचार आदि सभी समस्याएँ नहीं होगी।

मेरे सपनों के भारत में न्याय, समता व बंधुत्व की भावना प्रत्येक व्यक्ति के मस्तिष्क पर विराजमान होगी। मेरे सपनों का भारत आर्थिक विकास में स्वयंपूर्ण होगा। सभी को रोजगार मिलेगा। मेरे सपनों का भारत भ्रष्टाचार मुक्त होगा। काले धन का नामोनिशान मिट जाएगा। मेरे सपनों के भारत में महंगाई नहीं होगी और आबादी पर नियंत्रण रखने के लिए लोगों की मानसिकता भी तैयार हो जाएगी।

सचमुच मेरे सपनों का भारत महात्मा गांधी जी के द्वारा बताए गए सत्य व अहिंसा के मार्ग पर चलकर विश्व में अपनी पहचान बनाएगा।

मैं हूँ यहाँ :

1 https://hi.wikipedia.org/wiki/ विनोबा भावे
2 https://hi.wikipedia.org/wiki/ महात्मा गांधी

आसपास :

प्रश्न 1.
हमारी ऐतिहासिक स्मृतियाँ जगाने वाले स्थलों की जानकारी प्राप्त कीजिए और उनपर टिप्पणी बनाइए। जैसे – आगाखान पैलेस, पुणे।

पाठ के आँगन में :

1. सूचना के अनुसार कृतियाँ पूर्ण कीजिए :

प्रश्न क.
कार्य
स्वास्थ्य सुधार के लिए विनोबा जी द्वारा किए गए कार्य
उत्तरः
कृति (1) आकलन कृति

प्रश्न 1.
गद्यांश पढ़कर ऐसे प्रश्न तैयार कीजिए कि जिनके उत्तर निम्न शब्द हों –

i. छह
ii. पचास
उत्तर:
i. विनोबा जी ने कितने विद्यार्थियों को अर्थसहित गीता सिखाई?
ii. आज तक विनोबा जी ने गीता पर कितने प्रवचन किए?

प्रश्न 2.
कृति पूर्ण कीजिए।
उत्तर:

कृति (2) आकलन कृति

प्रश्न 1.
समझकर लिखिए।
उत्तर:

प्रश्न 2.
निम्नलिखित विधान सत्य है या असत्य लिखिए।

i. विनोबा जी ने अंग्रेजी दो विद्यार्थियों को सिखाई।
ii. शुरू-शुरू से ही विनोबा जी का हिंदी पर अधिकार था।
उत्तर :
i. सत्य
ii. असत्य

प्रश्न 3.
आकृति पूर्ण कीजिए।
उत्तर:

प्रश्न ख.
उचित जोड़ियाँ मिलाइए।

(अ)(ब)
1. विद्यार्थी मंडल(क) योजना
2. राष्ट्रीय शिक्षा(ख) व्रत
3. विनोबा जी का साध्य(ग) संस्था
4. ब्रह्मचर्य(ङ) आश्रम
(च) सत्याग्रह

उत्तरः

(अ)(ब)
1. विद्यार्थी मंडल(ग) संस्था
2. राष्ट्रीय शिक्षा(क) योजना
3. विनोबा जी का साध्य(ङ) आश्रम
4. ब्रह्मचर्य(ख) व्रत

प्रश्न ग.
अर्थ लिखिए।

i. ‘अपरिग्रह’ शब्द से तात्पर्य है कि …………
ii. ‘रमता राम’ शब्द से तात्पर्य है कि ……….
उत्तर:
i. संग्रह न करना।
ii. एक स्थान पर न टिकने वाला व्यक्ति।

2. ‘स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मन का वास होता है। इस पर स्वमत लिखिए।

प्रश्न 1.
प्रत्यय पहचानिए।

i. पारिश्रमिक
ii. ज्ञानेश्वरी
उत्तरः
i. ‘इक’ प्रत्यय
ii. ‘ई’ प्रत्यय

प्रश्न 2.
समानार्थी शब्द लिखिए।

i. व्रत
ii. दूध
उत्तर:
i. संकल्प
ii. क्षौर, दुग्ध

प्रश्न 3.
अनेक शब्दों के लिए एक शब्द लिखिए।

i. पूर्ण दिवस काम करने के बाद पैसों के रूप में मिलने वाला मुआवजा –
ii. आध्यात्मिक विषय पर व्याख्यान –
उत्तर:
i. पारिश्रामिक
ii. प्रवचन

प्रश्न 4.
गद्यांश में प्रयुक्त उपसर्गयुक्त शब्द ढूँढ़कर लिखिए।
उत्तरः

प्रवचन, प्रवास, प्रयोग

प्रश्न 5.
शब्दों के शुद्ध रूप लिखिए।

i. पहुंचूंगा
ii. नीम्बू
उत्तर:
i. पहुँचूँगा
ii. नींबू

भाषा बिंदु :

प्रश्न 1.
अर्थ की दृष्टि से वाक्य परिवर्तित करके लिखिए।


उत्तर:

Additional Important Questions and Answers

(क) गद्यांश पड़कर दी गई सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति (1) आकलन कृति

प्रश्न 1.
कृति पूर्ण कीजिए।
उत्तरः

प्रश्न 2.
गद्यांश में प्रयुक्त एक स्थान
उत्तरः

प्रश्न 3.
सही विकल्प चुनकर वाक्य पूर्ण कीजिए।

i. विनोबा जी आश्रम से बाहर गए थे क्योंकि
(क) उन्हें घूमने का शौक था।
(ख) वे नौकरी करते थे।
(ग) उनका स्वास्थ्य खराब हो गया था।
उत्तरः
(ग) उनका स्वास्थ्य खराब हो गया था।

कृति (2) आकलन कृति

प्रश्न 1.
समझकर लिखिए।
उत्तरः

प्रश्न 2.
निम्नलिखित विधान सत्य है या असत्य लिखिए।

i. विनोबा जी ने स्वयं फ्रेंच भाषा का चयन किया था।
ii. हाईस्कूल में पढ़ते समय विनोबा जी को भागवत गीता के अध्ययन का शौक लगा था।
उत्तर:
i. असत्य
ii. सत्य

प्रश्न 3.
कारण लिखिए।
विनोबा जी ने खुद-ब-खुद संस्कृत का अभ्यास शुरू कर दिया था
उत्तरः

विनोबा जी को गीता से अत्यधिक प्रेम था इसलिए उन्होंने खुद ब-खुद संस्कृत का अभ्यास शुरू कर दिया था।

कृति (3) शब्द संपदा

प्रश्न 1.
निम्नलिखित शब्दों के भिन्नार्थक शब्द लिखिए।

i. घर
ii. पत्र
उत्तर:
i. ठिकाना, घराना, मकान, गृहस्थी
ii. शंख, पत्ता, चिट्ठी, पक्षी के पर

प्रश्न 2.
लिंग बदलिए।

i. विद्वान
ii. पूज्य
उत्तर:
i. विदुषी
ii. पूज्य

प्रश्न 3.
विलोम शब्द लिखिए।

i. आज्ञा × ………..
ii. खास × ………..
उत्तर:
i. अवज्ञा
ii. साधारण

प्रश्न 4.
अनेक शब्दों के लिए एक शब्द लिखिए।

i. जीवन भर
ii. ऋषियों के रहने का स्थान
उत्तर:
i. आजन्म
ii. आश्रम

प्रश्न 5.
उपसर्ग पहचानिए।

i. उपनिषद
ii. अस्वास्थ्य
उत्तर:
i. ‘उप’ उपसर्ग
ii. ‘अ’ उपसर्ग

कृति (4) स्वमत अभिव्यक्ति

प्रश्न 1.
‘वेदांत, उपनिषद व गीता भारतीय संस्कृति के मूलाधार हैं।’ इस विषय पर अपने विचार व्यक्त कीजिए।
उत्तरः

वेदांत, उपनिषद व गीता भारत के प्राचीन एवं धार्मिक ग्रंथ हैं। ये संस्कृत में लिखे गए हैं। ये हिंदू धर्म के सर्वोच्च व सर्वोपरि ग्रंथ हैं। इनमें सभी प्रकार का ज्ञान समाहित है। जिनमें ज्योतिष, गणित, विज्ञान, धर्म, औषधि, प्रकृति, खगोलशास्त्र आदि से संबंधित ज्ञान का भंडार भरा हुआ है। इनमें परमेश्वर, परमात्मा, ब्रह्म व आत्मा से संबंधित वर्णन है। ये ग्रंथ आध्यात्मिक चिंतन से परिपूर्ण हैं। दरअसल ये ग्रंथ हमारी संस्कृति की रीढ़ हैं। इनके बिना भारतीय संस्कृति की व्याख्या नहीं की जा सकती। इसलिए वेदांत, उपनिषद व गीता भारतीय संस्कृति के मूलाधार हैं।

(ख) गद्यांश पढ़कर दी गई सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति (1) आकलन कृति

प्रश्न 1.
गद्यांश पढ़कर ऐसे प्रश्न तैयार कीजिए कि जिनके उत्तर निम्न शब्द हों –

i. छह
ii. पचास
उत्तर:
i. विनोबा जी ने कितने विद्यार्थियों को अर्थसहित गीता सिखाई?
ii. आज तक विनोबा जी ने गीता पर कितने प्रवचन किए?

प्रश्न 2.
कृति पूर्ण कीजिए।
उत्तर:

कृति (2) आकलन कृति

प्रश्न 1.
समझकर लिखिए।
उत्तर:

Maharashtra Board Class 9 Hindi Lokbharti Solutions Chapter 5 अतीत के पत्र 7

प्रश्न 2.
निम्नलिखित विधान सत्य है या असत्य लिखिए।

i. विनोबा जी ने अंग्रेजी दो विद्यार्थियों को सिखाई।
ii. शुरू-शुरू से ही विनोबा जी का हिंदी पर अधिकार था।
उत्तर :
i. सत्य
ii. असत्य

प्रश्न 3.
आकृति पूर्ण कीजिए।
उत्तर:

कृति (4) स्वमत अभिव्यक्ति

प्रश्न 1.
‘स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मन का वास होता है। अपने विचार स्पष्ट कीजिए।
उत्तरः

सच ही कहा गया है कि स्वास्थ्य ही संपत्ति है। यदि शरीर स्वस्थ होगा, तो व्यक्ति का मन भी स्वस्थ रहेगा। तन और मन में गहरा संबंध होता है। आखिर स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का वास होता है। शरीर के स्वस्थ रहने से व्यक्ति को किसी भी प्रकार की बीमारी छूती नहीं है। जिस कारण उसे किसी भी प्रकार का कष्ट भी नहीं पहुंचता है। वह हमेशा प्रसन्न रहता है। इस कारण उसका मन भी प्रसन्न रहता है। ऐसे व्यक्ति की शारीरिक एवं मानसिक क्रियाएँ संतुलित रहती हैं और वह अपने शारीरिक एवं मानसिक क्रियाओं को भी अपने वश में रखता है। स्वस्थ शरीर के माध्यम से ही मानसिक विचार एवं भावनाओं में संतुलन निर्माण किया जा सकता है।

(ग) गद्यांश पढ़कर दी गई सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति (1) आकलन कृति

प्रश्न 1.
आकृति पूर्ण कीजिए।
उत्तरः

प्रश्न 2.
निम्नलिखित विधान सत्य है या असत्य लिखिए।

i. विनोबा जी ने अपने मित्रों के साथ बड़ौदा में मातृभाषा के प्रसार के लिए एक संस्था स्थापित की।
ii. विनोबा जी ने बंडी, कोट, टोपी वगैरह पहनने का व्रत लिया।
उत्तर:
i. सत्य
ii. असत्य

कृति (2) आकलन कृति

प्रश्न 1.
समझकर लिखिए।
उत्तर:

प्रश्न 2.
गद्यांश पढ़कर ऐसे प्रश्न तैयार कीजिए कि जिनके उत्तर निम्न शब्द हों।

i. सत्य-अहिंसा-ब्रह्मचर्य
ii. धोती
उत्तर:
i. विनोबा जी ने किस व्रत का पालन किया?
ii. विनोबा जी शरीर पर क्या ओढ़ लेते थे?

कृति (3) शब्द संपदा

प्रश्न 1.
निम्नलिखित शब्दों के अर्थ गद्यांश से ढूँढ़कर लिखिए।

i. महीना
ii. प्रयास
उत्तर:
i. मास
ii. प्रयत्न

प्रश्न 2.
वचन बदलिए।

  1. कटोरी
  2. थाली
  3. कपड़ा
  4. पुस्तकें

उत्तर:

  1. कटोरियाँ
  2. थालियाँ
  3. कपड़े
  4. पुस्तक

प्रश्न 3.
गद्यांश से प्रयुक्त विलोम शब्द की जोड़ी ढूँढ़कर लिखिए।
उत्तरः

स्वदेशी × परदेशी

प्रश्न 4.
भिन्नार्थक शब्द लिखिए।

i. वर्ग
उत्तरः
श्रेणी, अध्याय, जाति

कृति (4) स्वमत अभिव्यक्ति

प्रश्न 1.
‘सत्य व अहिंसा की महिमा अपार है।’ अपना मत व्यक्त कीजिए।
उत्तरः

सत्य व अहिंसा जीवन के तत्त्व हैं। सत्य व अहिंसा की धार तलवार की धार से भी अधिक तेज होती है। सत्य भगवान है और अहिंसा उसे पाने का साधन है। जहाँ सत्य होता है वहीं पर ज्ञान होता है और जहाँ पर अहिंसा होती है; वहाँ पर शांति का साम्राज्य होता है। सत्य सर्वशक्तिमान होता है और अहिंसा अजेय शक्ति होती है।

महात्मा गांधी स्वयं सत्य व अहिंसा के पुजारी थे। उन्होंने सत्य व अहिंसा के माध्यम से ‘सविनय अवज्ञा आंदोलन’ एवं ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ किए। इन्हीं तत्त्वों को आधार बनाकर उन्होंने मानव को नव निर्माण की नई राह दिखाई। भारत को आजाद कराने के लिए उन्होंने इन्हीं तत्त्वों की सहायता ली थी। उपर्युक्त विवेचन से स्पष्ट है कि सत्य व अहिंसा की महिमा अपार है।

(घ) गद्यांश पढ़कर दी गई सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति (1) आकलन कृति

प्रश्न 1.
समझकर लिखिए।
उत्तरः

प्रश्न 2.
उचित जोड़ियाँ मिलाइए।

(अ)(ब)
1. आश्रम(क) सत्याग्रह
2. राष्ट्रीय शिक्षा(ख) साध्य
3. रेल(ग) योजना

उत्तर:

(अ)(ब)
1. आश्रम(ख) साध्य
2. राष्ट्रीय शिक्षा(ग) योजना
3. रेल(क) सत्याग्रह

कृति (2) आकलन कृति

प्रश्न 1.
गद्यांश पढ़कर ऐसे प्रश्न तैयार कीजिए कि जिनके उत्तर निम्न शब्द हों।

i. आश्रम
ii. भाकरी
उत्तरः
i. विनोबा जी का साध्य क्या था?
ii. विनोबा जी प्रवास में क्या नहीं बना सकते थे?

प्रश्न 2.
निम्नलिखित विधान सत्य है या असत्य लिखिए।

i. विनोबा जी गांधी जी को पितृतुल्य मानते थे।
ii. विनोबा जी अन्य किसी सत्याग्रह में सम्मिलित होना नहीं चाहते थे।
उत्तर:
i. सत्य
ii. असत्य

कृति (3) शब्द संपदा

प्रश्न 1.
उपसर्ग पहचानिए।

i. परिवर्तन
i. आचरण
उत्तर:
i. परि’ उपसर्ग
ii. ‘आ’ उपसर्ग

प्रश्न 2.
निम्नलिखित शब्दों में उचित प्रत्यय लगाकर नए शब्द तैयार कीजिए।

i. सत्याग्रह
ii. शिक्षा
उत्तर:
i. सत्याग्रह + ई = सत्याग्रही
ii. शिक्षा + इक = शैक्षिक

प्रश्न 3.
विरामचिह्न का उचित प्रयोग कीजिए।

i. मेरी इच्छा है आप मुझे पत्र लिखिए
उत्तरः
मेरी इच्छा है, ‘आप, मुझे पत्र लिखिए।’

प्रश्न 4.
विलोम शब्द लिखिए।

i. साध्य × …………….
ii. सवाल × ………….
उत्तर:
i. असाध्य
ii. जबाब

कृति (4) स्वमत अभिव्यक्ति

प्रश्न 1.
‘सत्याग्रह भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन का प्रमुख आधार था।’ इस पर अपने विचार लिखिए।
उत्तर:

‘सत्याग्रह’ का अर्थ है- सत्य के लिए आग्रह यानी सत्य को सदैव पकड़े रहना या उसके मार्ग पर चलना। हिंसा के बदले में अहिंसा से पेश आना। अन्यायी के प्रति बैर भाव न रखना या कभी क्रोध नहीं करना-ये सत्याग्रह के प्रमुख तत्त्व हैं। सत्याग्रह एक अहिंसक प्रतिकार है परंतु वह निष्क्रिय नहीं। इसी सत्याग्रह को गांधी जी ने अपनाया था।

उन्होंने भारत को आजादी दिलाने के लिए समस्त भारतवासियों को सत्याग्रह का मार्ग बतलाया। सभी भारतीयों ने सत्याग्रह का पालन कर स्वतंत्रता आंदोलन में अपना योगदान दिया। सत्याग्रह ने सभी लोगों में जोश, देशप्रेम, उमंग, उत्साह व उल्लास का वातावरण निर्माण किया था। सत्याग्रह करने वाले सत्याग्रहियों के सामने अंग्रेजों की एक न चली। आखिर उन्हें हार माननी पड़ी।

(ङ) गद्यांश पढ़कर दी गई सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति (1) आकलन कृति

प्रश्न 1.
कृति पूर्ण कीजिए।
उत्तर:

प्रश्न 2.
समझकर लिखिए।
उत्तर:

कृति (2) आकलन कृति

प्रश्न 1.
कृति पूर्ण कीजिए।
उत्तर:

प्रश्न 2.
समझकर लिखिए।
उत्तर:

प्रश्न 3.
निम्नलिखित विधान सत्य है या असत्य लिखिए।

i. गांधी जी को पिता का पद प्रेमपूर्वक भेंट के रूप में दिया था।
ii. गांधी जी ने स्वयं को ‘भीम’ कहा है।
उत्तर:
i. सत्य
ii. असत्य

कृति (3) शब्द संपदा

प्रश्न 1.
भिन्नार्थक शब्द लिखिए।

i. पद
ii. भेंट
उत्तर:
i. ओहदा, पैर, शब्द, कविता का चरण
ii. उपहार, मिलन

प्रश्न 2.
समानार्थी शब्द लिखिए।

i. मुंह
ii. उद्गार
उत्तर:
i. मुख
ii. कथन

प्रश्न 3.
अनेक शब्दों के लिए एक शब्द लिखिए।

i. जो सत्य के मार्ग पर चलता है –
ii. जो चरित्र से पूर्ण हो –
उत्तर:
i. सत्यवादी
ii. चरित्रवान

प्रश्न 4.
गद्यांश में प्रयुक्त उपसर्ग व प्रत्यय युक्त शब्द पहचानकर लिखिए।
उत्तरः

उपसर्ग युक्त शब्द – असमर्थ
प्रत्यय युक्त शब्द – चरित्रवान, विशेषता, मान्यता

प्रश्न 5.
‘अपमान करना’ इसके लिए परिच्छेद में प्रयुक्त मुहावरा है।
उत्तर:

निरादार करना।

कृति (4) स्वमत अभिव्यक्ति

प्रश्न 1.
‘सच्चा पुत्र वह है; जो पिता ने जो कुछ किया है उसमें वृद्धि करें।’ क्या आप इस कथन से सहमत हैं? अपने विचार लिखिए।
उत्तर:

जी हाँ, मै उपर्युक्त कथन से सहमत है। सच्चे पुत्र के पास धैर्य, सहनशीलता, प्रेम, मेहनत करने की लगन आदि मानवीय गुण होते हैं। सच्चा पुत्र अपने पिता से प्राप्त विरासत एवं संपत्ति में वृद्धि करता है। वह अपने कर्तव्य से उसमें चार चाँद लगा देता है। दरअसल उसे स्वयं से कमाए हुए नाम, शोहरत, यश, प्रसिद्धि एवं कीर्ति पर नाज होता है। जैसे कि हरिवंशराय बच्चन जी ने साहित्य के द्वारा संपूर्ण देश में नाम कमाया। लेकिन उनके पुत्र अभिताभ जी ने अपने पिता द्वारा अर्जित श्रेय में वृद्धि कर दिखाई। उन्होंने अपने अभिनय के बल पर संपूर्ण विश्व को आकर्षित कर दिया। आखिर वही सच्चा पुत्र होता है जो पिता के नाम, शोहरत, यश एवं सम्मान को आगे तक बढ़ाएँ।

(च ) गद्यांश पड़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

कृति (1) आकलन कृति

प्रश्न 1.
गद्यांश पढ़कर ऐसे प्रश्न बनाइए कि जिनके उत्तर निम्न शब्द हों।

i. दिल्ली
ii. खेड़ा
उत्तर:
i. दो-एक दिन में गांधी जी कहाँ जाने वाले थे?
ii. गांधी जी के अनुसार कौन-से जिले में सत्याग्रह शुरू करने की आवश्यकता पड़ सकती है।

प्रश्न 2.

कृति (2) आकलन कृति

प्रश्न 1.
कृति पूर्ण कीजिए।
उत्तर:

प्रश्न 2.
निम्नलिखित विधान सत्य है या असत्य लिखिए।

i. गांधी जी ने मामा फड़के को दूध पीने की सलाह दी।
ii. गांधी जी के अनुसार विनोबा ‘बहुत बड़े मनुष्य’ थे।
उत्तर:
i. असत्य
ii. सत्य

कृति (3) शब्द संपदा

प्रश्न 1.
विरामचिह्न का उचित प्रयोग कीजिए।

i. बहुत बड़ा मनुष्य है वह
ii. ईश्वर तुम्हें दीर्घायु करें जीवन में तुम्हारी प्रगति हो और तुम्हारा उपयोग हिंद की उन्नति के लिए हो यही मेरी कामना है
उत्तर:
i. “बहुत बड़ा मनुष्य है वह!”
ii. ईश्वर तुम्हें दीर्घायु करें। जीवन में तुम्हारी प्रगति हो और तुम्हारा उपयोग हिंद की उन्नति के लिए हो, यही मेरी कामना है।

प्रश्न 2.
उचित प्रत्यय लगाकर नए शब्द तैयार कीजिए।

i. उत्सुक
ii. उपयोग
उत्तर:
i. उत्सुकता
ii. उपयोगी

प्रश्न 3.
अनेक शब्दों के लिए एक शब्द लिखिए।
i. एक स्थान पर न टिकने वाला –
उत्तर :

रमता राम

कृति (4) स्वमत अभिव्यक्ति

प्रश्न 1.
‘बापू सभी भारवासियों के लिए एक प्रेरणास्रोत हैं।’ इस कथन पर अपने विचार लिखिए।
उत्तर:

बापू स्वयं एक संस्कृति थे। वे दया, प्रेम, करूणा, मानवता, शांति, सत्य, अहिंसा, सहनशीलता, शालीनता आदि गुणों के भंडार थे। ‘सादा जीवन व उच्च विचार’ यही उनकी जीवन प्रणाली थी। बापू नव संस्कृति के दूत थे। धरती पर मानवीय गुणों की स्थापना करने हेतु ही वे यहाँ पधारे थे। उन्हीं के विचारों एवं कार्यों को अपनाकर समस्त भारतवासियों ने स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लिया था। वे बापू ही थे जिनकी एक आवाज पर लाखों लोग सत्याग्रह करने के लिए निकल पड़ते थे। उन्हीं के मार्ग का अवलंबन करते हुए आज भारत प्रगति कर रहा है। आज भी बापू द्वारा बताए गए मार्ग पर भारत चल रहा है। सचमुच आज भी बापू सभी भारतवासियों के लिए एक प्रेरणास्रोत हैं।

भाषाई कौशल पर आधारित पाठगत कृतियाँ

भाषा बिंदु :

प्रश्न 2.
काल परिवर्तन कीजिए।

i. उस समय मुझे भागवत गीता के अध्ययन का शौक लगा। (पूर्ण भूतकाल)
ii. मैने देशसेवा करने का व्रत लिया था। (सामान्य वर्तमानकाल)
उत्तर:
i. उस समय मुझे भागवत गीता के अध्ययन का शौक लगा था।
ii. मैं देशसेवा करने का व्रत लेता हूँ।

प्रश्न 3.
अधोरेखित शब्दों के भेद पहचानिए।

i. विनोबा जी ने परम पूज्य बापू जी को पत्र लिखा।
ii. वैसे मामा को मैंने एक-दो पत्र लिखे थे।
उत्तर:
i. परम पूज्य – विशेषण – गुणवाचक
ii. मैंने – सर्वनाम – उत्तम पुरुषवाचक

प्रश्न 4.
संधि-विच्छेद कीजिए।

  1. नमस्कार
  2. विद्यार्थी
  3. सत्याग्रह
  4. वाचनालय
  5. वार्षिकोत्सव
  6. निरादार
  7. दीर्घायु

उत्तर:

  1. नमः + कार
  2. विद्या + अर्थी
  3. सत्य + आग्रह
  4. वाचन + आलय
  5. वार्षिक + उत्सव
  6. निः + आदर
  7. दीर्ध + आयु

प्रश्न 5.
अव्यय पहचानिए।

i. आज तक ऐसे कोई पचास प्रवचन किए।
ii. एक महीना केले, दूध और नींबू पर बिताया।
उत्तर :
i. आज तक – क्रियाविशेषण अव्यय
ii. और – समुच्चयबोधक अव्यय

प्रश्न 6.
रचना की दृष्टि से वाक्यों के प्रकार पहचानिए।

  1. अंग्रेजी दो विद्यार्थियों को सिखाई और ज्ञानेश्वरी चार विद्यार्थियों को सिखाई।
  2. फिर भी अगर इसे छोड़ा जा सकता हो तो छोड़ देने की मेरी इच्छा है।
  3. राष्ट्रीय शिक्षा की योजना क्या है?
  4. मैं आश्रम का ही हूँ।
  5. जब आप मुझे पत्र लिखेंगे तब मुझे बेहद खुशी होगी।

उत्तर:

  1. संयुक्त वाक्य
  2. मिश्र वाक्य
  3. प्रश्नार्थक वाक्य
  4. विधानार्थक वाक्य
  5. संदेशसूचक वाक्य

प्रश्न 7.
काल के प्रकार पहचानिए।

i. मैं तुरंत ही पहुँच जाऊँगा।
ii. आश्रम के नियमों के अनुसार मैं अपना आचरण रखता हूँ।
उत्तर:
i. सामान्य भविष्यकाल
ii. सामान्य वर्तमानकाल

प्रश्न 8.
अव्ययों का वाक्य में प्रयोग कीजिए।

  1. पास
  2. कि
  3. वाह

उत्तर:

  1. उसके पास मेरे सौ रूपए हैं।
  2. मैंने कहा कि वे अपने घर चले गए।
  3. वाह! क्या बात है।

प्रश्न 9.
निम्नलिखित बाक्य में प्रयुक्त क्रियाओं के भेद पहचानिए।

i. दो-एक दिन में मैं दिल्ली जाऊँगा।
ii. अब मुझे आप लोगों से सत्याग्रह करवाना पड़ेगा।
उत्तर:
i. जाऊँगा – अकर्मक क्रिया
ii. करवाना – प्रेरणार्थक क्रिया

लेखक-परिचय :

जीवन-परिचय : विनोबा भावे (1895 – 1982)
विनोबा भावे का पूरा नाम विनायक नरहरी भावे है। आप गांधी जी के सहयोगी थे। गांधीवादी विचारधारा को समाज में मान्यता दिलवाने के लिए आपने अथक प्रयास किया। विनोबा जी मराठी व हिंदी भाषा के ज्ञाता थे। इन्होंने गीता का मराठी में अनुवाद किया। इन्हें भारत का राष्ट्रीय अध्यापक और महात्मा गांधी का आध्यात्मिक उत्तराधिकारी समझा जाता है। प्रमुख कृतियाँ : गीताई (गीता का मराठी में अनुवाद) गीता पर वार्ता, शिक्षा पर विचार आदि कुछ प्रमुख रचनाएँ हैं।

जीवन-परिचय : महात्मा गांधी (1869 – 1948)
गांधी जी का पूरा नाम मोहनदास करमचंद गांधी था। गांधी जी भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के प्रमुख प्रेरणा थे। गांधी जी एक दार्शनिक, विचारक, शिक्षाशास्त्री एवं लेखक थे। भारत देश को आजाद कराने के लिए इन्होंने भगीरथ प्रयत्न किए थे।
प्रमख कतियाँ : ‘सत्य के साथ मेरे प्रयोग’ (आत्मकथा), ‘हिंद स्वराज्य या इंडियन होमरूल’ इनके अतिरिक्त लगभग प्रत्येक दिन अनेक व्यक्तियों और समाचार पत्रों के लिए लेखन करते थे।

गद्य-परिचय :

पत्र : पत्र गद्य विधा का एक प्रकार है। पत्र के माध्यम से एक व्यक्ति दूसरे व्यक्ति को अपने विचार, अपनी भावना, अपना जीवनविषयक दृष्टिकोण एवं अपने मूल्यों को पहुँचाने का कार्य करता है।

प्रस्तावना : ‘अतीत के पत्र’ में विनोबा जी एवं गांधी जी के पत्रों को समाहित किया गया है। इन पत्रों के माध्यम से पाठकों को देशसेवा व्रत, अनुशासन, दृढ़ निश्चय, विश्वास, समर्पण एवं श्रद्धा जैसे मानवीय गुणों के दर्शन होते हैं।

सारांश :

हिंदी साहित्य में पत्र लेखन’ गद्य की विधा है। प्रस्तुत पाठ पत्र गद्य विधा का एक प्रकार है। इसमें दो पत्र हैं। पहला पत्र आचार्य विनोबा भावे जी ने गांधी जी को लिखा है, जिसमें प्रकृति, स्वास्थ्य, ब्रह्मचर्य व्रत, देशसेवा व्रत, गीता अध्ययन, संस्कृत भाषा के प्रति रूचि, उपनिषदों का अध्ययन, परिश्रम, अनुशासन, सत्याग्रहाश्रम के तत्त्वों का प्रचार, मातृभाषा प्रसार कार्य, सत्य-अहिंसा व गांधी जी के प्रति समर्पण व श्रद्धा आदि बिंदुओं का वर्णन किया गया है। दूसरा पत्र महात्मा गांधी जी ने आचार्य विनोबा भावे जी को लिखा है। वास्तव में विनोबा जी का पत्र पढ़कर गांधी जी फूले नहीं समाए थे और विनोबा जी का वर्णन करते हुए ‘भीम है भीम’ यह उद्गार निकाले थे।

गांधी जी के लिए विनोबा उनके पुत्र से भी बढ़कर थे। इसीलिए गांधी जी ने पत्र में ‘सच्चा पुत्र वह है; जो पिता ने जो कुछ किया है उसमें वृद्धि करें। वे विनोबा जी द्वारा दिया गया पिता का पद बड़े आनंद से स्वीकार करते हैं। इस प्रकार प्रस्तुत दोनों पत्र उच्चतम मानवीय गुणों के अनमोल उपहार हैं। इनका पठन एवं मनन मानवीय गुणों को अपनाने के समान है।

शब्दार्थ :

  1. अस्वादव्रत – फीका भोजन करने का व्रत
  2. अपरिग्रह – संग्रह न करना
  3. करघा – कपड़ा बुनने का यंत्र
  4. रमता राम – फक्कड़, एक स्थान पर न टिकनेवाला
  5. वाकचातुर्य – बोलने में चतुर
  6. अचेतन – चेतनारहित
  7. ब्रह्मचारी – संन्यासी
  8. वेदांत व उपनिषद – भारतीय प्राचीन धार्मिक ग्रंथ
  9. सत्याग्रह – सत्य का आग्रह
  10. गोरख व मछंदर – नवनाथों में से दो नाथ। एक गोरखनाथ व दूसरे मछिंदर नाथ।
  11. सत्यवादी – सत्य की राह पर चलने वाला।

मुहावरे :

  • हाथ लगना – प्राप्त होना।
  • हृदय में स्थान बनाना – किसी का प्रिय बनना।
  • निरादर करना – अपमान करना।

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Maharashtra Board Solutions for Class 9- Hindi Lokbharti (Part 2): Chapter 5- अतीत के पत्र

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